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कल 9 अगस्त को है सावन का आखिरी मंगला गौरी व्रत

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन के पावन मास में जिस प्रकार हर सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित माना गया है। उसी प्रकार श्रावण माह का हर मंगलवार को गौरी माता की विशेष पूजा और आराधना का विधान है। इस साल सावन का चौथा और अंतिम मंगला गौरी व्रत 9 अगस्त 2022 को पड़ रहा है। मान्यता है कि जो सुहागिन महिलाएं तथा कुंवारी कन्याएं पूरे विधि-विधान से मंगला गौरी व्रत करती हैं उन्हें मां गौरी की कृपा से अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूजन के बाद गौरी माता के इन मंत्रों का जाप करने से जीवन की हर बाधा से मुक्ति महीने की मान्यता है

मंगला गौरी व्रत पूजा विधि
व्रत वाले दिन सुबह जल्दी नित्य कर्मों से निपटकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। फिर वहां एक लकड़ी की चौकी रखकर उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और मां गौरी की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

तत्पश्चात गौरी माता के सामने आटे से बना हुआ दीपक जलाएं। फिर फल, फूल, कुमकुम, अक्षत, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करके मां गौरी का पूजन करें। इसके बाद गौरी माता की आरती उतारें और मां गौरी से हाथ जोड़कर अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद देने की प्रार्थना करें। शास्त्रों के अनुसार इस व्रत में एक समय भोजन किया जाता है।

मंगला गौरी मंत्र
हिंदू धर्म शास्त्रों में मां गौरी के रूप को बहुत ही शांत और मनोहरी बताया गया है। मान्यता है कि मां गौरी की पूजा में इन मंत्रों के जाप से प्रसन्न होकर वह अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेती हैं…
ॐ गौरी शंकराय नमः
ॐ श्री मंगला गौरी नमः

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