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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस पर दुनिया की है नजर, क्या शी जिनपिंग बने रहेंगे राष्ट्रपति जीवनभर

चीन में 2017 के मध्य में जब पिछली पार्टी कांग्रेस हुई थी, तब और अब, चीन के अंदर और दुनिया के साथ उसके संबंधों में बहुत कुछ बदल गया है। पार्टी कांग्रेस के अंत में, शी जिनपिंग को तीसरी बार पार्टी के महासचिव के रूप में नियुक्त किए जाना तय है। चीन के इतिहास में ये एक अभूतपूर्व घटना है। चीन के इतिहास में माओ के बाद अब तक और कोई नेता इस पद पर दो बार से ज्यादा नहीं रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय कांग्रेस में महासचिव के रूप में उनकी नियुक्ति के साथ ही पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति (पीबीएससी) के छह अन्य सदस्य भी नियुक्त किए जाएंगे। यह चीन में नेतृत्व परिवर्तन को चिह्नित करने वाली दो प्रमुख घटनाओं में से एक होगी – अगले साल मार्च में किसी समय, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) में चीन का सरकारी नेतृत्व भी बदल जाएगा। इस समय जो अब तक तय माना जा रहा वो ये कि, इस दौरान चीन को एक नया प्रधान मंत्री मिलेगा जबकि राष्ट्रपति वही रहेगा यानी शी जिनपिंग की फिर से नियुक्ति की जाएगी।

इस संदर्भ में देखें तो पार्टी कांग्रेस के दौरान जो होता है वह सिर्फ चीन के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि यह चीन की अपने बारे में धारणा और एक प्रमुख शक्ति के रूप में उसकी दुनिया से आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगा।
चीन एक और नहीं पूरी तरह से अलग देश 

पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के बारे में कहा जाता है कि यह एक और देश नहीं बल्कि ये बिल्कुल ही अलग देश है। आज के हालात में चीन का नाम दुनिया भर में हैरानी, क्रोध और सावधानी की मिली जुली भावना को पैदा करता है। इसे या तो एक सत्तावादी, दमनकारी, गैर-लोकतांत्रिक और राष्ट्रीय-अराजकतावादी पार्टी-राज्य के रूप में माना जाता है या फिर तेजी से विकास के एक मॉडल देश के रूप में, जहाँ इसको साफ और चौड़ी सड़कों, विशाल विकास परियोजनाओं, उच्च गति वाले रेलवे और अन्य तकनीकी उपलब्धियों के माध्यम से देखा जाता है। या फिर एक प्रमुख सैन्य और आर्थिक शक्ति के रूप में इसके उदय को रेखांकित किया जाता है।

रविवार से शुरू होगी पार्टी कांग्रेस की बैठक 

चीन की सारी भली-बुरी पहचानों के पीछे एक ही प्रेरक शक्ति है चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी)। इस पार्टी की सबसे अहम घटना होती है पार्टी की नेशनल कांग्रेस की 20वीं बैठक। चीन में 16 अक्टूबर से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की यही 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस, जिसे आमतौर पर पार्टी कांग्रेस के रूप में जाना जाता है, आयोजित होने जा रही है। यह बैठक पूरे एक सप्ताह चलेगी। बता दें ये पार्टी (सीपीसी) कांग्रेस की बैठक है, चीन यानी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की नहीं, जो कि चीन की संसद का नाम है।

क्या शी फिर से राष्ट्रपति बनेंगे?
अभी नहीं। चीन की संसद, जिसे नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के नाम से जाना जाता है, के मार्च में होने वाले वार्षिक सत्र तक राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री सहित राज्य के पदों को आधिकारिक नहीं बनाया जाएगा। लेकिन पार्टी के मुखिया यानी महासचिव को आम तौर पर राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्त किया जाता है। पार्टी का दूसरा सर्वोच्च रैंकिंग सदस्य आमतौर पर, लेकिन हमेशा नहीं, प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करता है।
क्या जिनपिंग फिर से जिंदा करेंगे ‘पार्टी चेयर’ का पद? 

इस बैठक में शी को व्यापक रूप से पार्टी के शीर्ष नेता, या महासचिव के रूप में तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किए जाने की उम्मीद है, हालांकि यह भी संभव है कि वह फिर से ‘पार्टी चेयर’ के खिताब को जिंदा करते हुए उसे ग्रहण कर सकते हैं, जिसे 1980 के दशक की शुरुआत में देंग ने बंद कर दिया था।

चीन के लिए ऐतिहासिक क्षण 

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और सेना के प्रमुख के रूप में तीसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अपेक्षित पुनर्नियुक्ति चीन के आधुनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है। 1979 में देंग शियाओपिंग के आर्थिक सुधारों की शुरूआत और एक दशक बाद हजारों लोगों की जान लेने वाले लोकतंत्र समर्थक विरोधियों को पूरी ताकत के साथ कुचलने के उनके फैसले के साथ, यह बेहतर या बदतर के लिए – देश की दिशा को मौलिक रूप से बदल देगा।

बदल जाएगा पार्टी के सत्ता हस्तांतरण का तरीका 

पार्टी की 20वीं कांग्रेस रविवार को बीजिंग में शुरू होगी और देश भर से इसमें 2,000 से अधिक प्रतिनिधि एक साथ बैठेंगे। एक हफ्ते तक चलने वाली पार्टी की इस मीटिंग के साथ पार्टी का नया नेतृत्व सामने आ जाएगा, जिसके मुखिया एक बार फिर से शी होंगे। ऐसा करने पर, पार्टी कांग्रेस सत्ता हस्तांतरण की दो दशक से परिभाषित उस प्रणाली को हटा देगी जिसमें एक नेता से पार्टी के दूसरे नेता के लिए अनुमानित और व्यवस्थित चरण बद्ध परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरा करती थी।
इस पार्टी कांग्रेस में शी को पार्टी के सर्वोपरि नेता पर नियुक्ति किए जाने के साथ उनको शक्तिशाली केंद्रीय सैन्य आयोग, जो चीन के सशस्त्र बलों को नियंत्रित करता है, के प्रमुख के रूप में फिर से तैनात किए जाने पर भी मुहर लगेगी। इसके अलावा कांग्रेस एक नई केंद्रीय समिति का अनावरण करेगी जिसमें लगभग 200 पूर्ण सदस्य और 170 वैकल्पिक, 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो और सात व्यक्ति स्थायी पोलित ब्यूरो (पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटि) समिति में शामिल होंगे।

इस साल की कांग्रेस पिछले वाले से कैसे अलग है? 

पार्टी के नेता के रूप में तीसरा कार्यकाल लेते हुए, जैसा कि पहले रेखांकित किया गया है कि, शी औपचारिक रूप से 2002 और 2012 की तरह व्यवस्थित नेतृत्व परिवर्तन के लिए नामांकन प्रणाली को रद्द कर देंगे। 2002 में, हू जिंताओ ने जियांग जेमिन को पार्टी महासचिव के रूप में स्थान दिया था। 2012 में हू ने शी के लिए रास्ता बनाया। लेकिन, राष्ट्रपति शी ने 2017 में 19वीं पार्टी कांग्रेस में पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के लिए अगली पीढ़ी के किसी महासचिव को नियुक्त नहीं किया था और इस तरह रविवार 16 अक्टूबर से शुरू होने वाले उस सत्ता हथियाने वाले मंच के लिए जमीन तैयार की थी। जबकि जियांग और हू दोनों ने सत्ता छोड़ने से पांच साल पहले ही नियमानुसार अपने उत्तराधिकारी को नामांकित करने का काम किया था।

मार्च 2018 में ही हटा दी गई थी संवैधानिक बाधा 

इस तरह मार्च 2018 में, एनपीसी (राष्ट्रीय पीपुल्स कांग्रेस) ने राष्ट्रपति पद पर संवैधानिक दो-अवधि की सीमा को समाप्त करते हुए शी जिनपिंग को प्रेसिडेंट के रूप में तीसरे कार्यकाल के लिए रास्ता तैयार कर दिया था। बता दें, पार्टी महासचिव और सैन्य प्रमुख के पदों पर ऐसी कोई दो या तीन बार चुने जाने की अधिकतम अवधि की सीमा नहीं है।

पिछली बार साढ़े तीन घंटे में जिनपिंग ने उठाए थे तीन मुद्दे 

सीपीसी (Chinese Communist Party ) के लिए, पार्टी कांग्रेस न केवल अपने नेतृत्व में फेरबदल करने के लिए, बल्कि पिछली कांग्रेस के बाद से अपने काम की समीक्षा करने और अगले पांच वर्षों के लिए एजेंडा सेट करने का भी स्थान है। यह सब महासचिव की एक रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। 2017 में पिछली कांग्रेस की बैठक के दौरान, शी का भाषण करीब साढ़े तीन घंटे तक चला था और कोई भी उम्मीद कर सकता है कि इस बार भी कमोबेश ऐसा ही होगा। 2017 में, भाषण “चीनी सपने”, चीनी राष्ट्र के कायाकल्प के विषयों पर केंद्रित था। दूसरा विषय नवाचार में चीन की भूमिका को बढ़ाना था। तीसरा चीन में उभर रहे नए प्रमुख विरोधाभास पर चर्चा थी, जो चीन में असमानता और जीवन की अन्य गुणवत्ता के मुद्दों को संबोधित करने पर केंद्रित था।

चीन की अंतराष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं के अनुकूल नहीं उसकी छवि 

लेकिन बाहरी दुनिया के लिए इस कोई खास मतलब नहीं है। दुनिया जो देख रही है वो ये कि, चीन की मंशा हर बड़ी ताकत की तरह ताकतवर बनने की है। लेकिन इसमें आगे बढ़ने के लिए जरूरी अंदर का लचीलापन सीमित हो चुका है और अपने आगे बढ़ने के लिए हर तरफ नई बाहरी बाधाएं खड़ी कर ली हैं। चीन की छवि उसकी स्वीकार्यता में सबसे बड़ी बाधा है।

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