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अग्निपथ को मिली मंजूरी, गृह मंत्रालय का बड़ा ऐलान अग्निवीर सैनिक को मिलेंगे प्राथमिकता

मंगलवार को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की तीनों सेनाओं में छोटी अवधि की नियुक्ति को लेकर ‘अग्निपथ योजना’ की घोषणा की है. रक्षा मंत्री ने इसे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी का ऐतिहासिक फैसला बताया.

थल सेना (Army), नौसेना (Navy) और वायु सेना (Air Force) में विशेष ‘अग्निपथ’ योजना के तहत अल्पकालिक अनुबंध पर भर्ती होने वाले ‘अग्निवीर’ सैनिकों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह घोषणा की.

पुरानी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव

मंत्रालय ने बताया कि योजना के तहत 4 साल की सेवा पूरी करने वालों को भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी. सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी ‘अग्निपथ’ योजना की मंगलवार को घोषणा की थी, जिसके तहत सैनिकों की भर्ती 4 साल की लघु अवधि के लिए संविदा के आधार पर की जाएगी.

इस साल 46 हजार सैनिकों की भर्ती

योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे. चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के कार्यालय ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना देश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) का एक दूरदर्शी एवं स्वागतयोग्य कदम है

क्या है अग्निपथ योजना?


इस योजना के जरिये देश के युवाओं को 4 साल तक सेना में काम करने का मौका मिलेगा. योजना के तहत पूरे भारत से वरीयता के आधार पर सैनिक, वायुसैनिक और नौसेनिकों का चयन होगा. इस योजना में चयनित युवाओं में से 75 फीसदी 4 साल की सर्विस के बाद कार्यमुक्त हो जाएंगे.

अन्य 25 फीसद को आगे भी सेना में अपनी सेवा जारी रखने का मौका मिलेगा. यानी 100 में से 25 युवक ऐसे होंगे जिन्हें पूर्णकालिक सेवा का मौक दिया जाएगा. चार साल के कार्यकाल में सभी अग्निवीरों को प्रतिमाह करीब 40000 रुपए मिलेंगे. एग्जिट के समय करीब 12 लाख रुपए सेवा​ निधि पैकेज के रूप में​ मिलेंगे.

इस दौरान युवाओं को उनके कौशल से जुड़ा प्रमाणपत्र भी तीनों सेनाओं की ओर से प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे नौकरी में आसानी हो या अगर वह खुद का कुछ कार्य करना चाहते हों तो बैंक लोन मिल सके. नौसेना के चीफ एडमिरल आर. हरि कुमार का कहा कि इस योजना के तहत पहले साल में करीब 45000 युवाओं को भर्ती किया जाएगा. खास बात यह है कि इसमें महिला और पुरुष दोनों की भागीदारी होगी. इन्हें 6 महीने का सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा.

कौन कर सकता है आवेदन

अग्निवीर बनने के लिए 10वीं और 12वीं पास देश का कोई भी युवा जिसकी उम्र 17.5 से 21 साल के बीच है, वह आवेदन कर सकता है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत थल, वायु और नौ सेना में भर्ती होने के लिए एक अखिल भारतीय योग्यता पर आधारित भर्ती योजना लाई जाएगी. जो युवा 10वीं के बाद अग्निवीर बनेंगे उन्हें सेना की ओर से ही 12वीं का सर्टिफिकेट मिलेगा.

 

 

 

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