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सरदारशहर: बिना किसी डिग्री लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले डॉक्टर का पर्दाफाश

एडवोकेट महेंद्र सिंवर के अनुसार, बिना डिग्री के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने एवं दवा विक्रय करने के आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय में चालान पेश किया गया है. धोखाधड़ी के आरोप में झोलाछाप को 7 वर्ष का करावास एवं जुर्माना से दंडित किया जा सकता है.

Sardarshahar: सरदारशहर पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोपी रमेश शर्मा के विरूद्ध लगे आरोपों को प्रमाणित मानते हुए चालान पेश किया है. वर्षों से कच्चा बस स्टैंड स्थित क्लीनिक पर बिना किसी डिग्री के मानव जीवन के खिलवाड़ करने का गोरखधंधा करने वाले तथा कथित स्वयंभू डॉ. रमेश शर्मा के विरूद्ध पुलिस ने शिकंजा कस दिया है.

एडवोकेट महेंद्र सिंवर के अनुसार, बिना डिग्री के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने एवं दवा विक्रय करने के आरोप सिद्ध होने पर न्यायालय में चालान पेश किया गया है. धोखाधड़ी के आरोप में झोलाछाप को 7 वर्ष का करावास एवं जुर्माना से दंडित किया जा सकता है. हालांकि धोखाधड़ी के आरोपी रमेश शर्मा ने राजस्थान हाईकोर्ट से दर्ज मामले को रद्द करवाने के लिए याचिका लगाई गई थी मगर माननीय न्यायालय ने पुलिस अनुसंधान को देखते हुए किसी प्रकार की राहत नहीं दी है.

क्या बोले थानाधिकारी बलराज सिंह मान 
थानाधिकारी बलराज सिंह मान ने बताया कि 12 अक्टूबर 2021 को राजस्थान सरकार कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रतनगढ़ चूरू जिला द्वारा दी गई रिपोर्ट पर वार्ड नंबर 2 तारानगर, हाल वार्ड नंबर 19 सरदारशहर निवासी रमेश कुमार पुत्र मोहनलाल शर्मा (ब्राह्मण) के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था कि सर्वसमाज सरदारशहर की ओर से उपखंड अधिकारी सरदारशहर को शिकायत दर्ज की गई कि रमेश शर्मा बिना किसी मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के फर्जी तरीके से सरदारशहर के कच्चा बस स्टैंड पर अवैध क्लीनिक चलाता है तथा दवा का विक्रय कर रहा है.

उक्त शिकायत कार्यालय को प्राप्त होने पर औषधि नियंत्रण अधिकारी, खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी सरदारशहर, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम चिकित्सा अधिकारी सरदारशहर की कमेटी गठित करके जांच करवाई गई, जांच कमेटी की जांच रिपोर्ट 27 नवंबर 2020 के अनुसार जांच के दौरान कच्चा बस स्टैंड सरदारशहर पर संचालित एक परिसर, जिसके बाहर डॉ. रमेश शर्मा आयुर्वेद रत्न लिखा हुआ पाया गया. डॉ. रमेश शर्मा उक्त वक्त अपने क्लीनिक पर नहीं था. जांच टीम के द्वारा मोबाइल पर संपर्क करने पर एक घंटा बाद डॉ. रमेश शर्मा उपस्थित हुआ और उसे पूछने पर बताया कि वह इंडियन मेडिकल बोर्ड से रजिस्टर्ड है, जिसके रजिस्टर्ड नंबर 18987 बताया, किंतु रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया, दो-तीन दिन में प्रस्तुत करने को कहा गया परंतु आज तक रमेश शर्मा द्वारा किसी भी प्रकार के कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए.

उसके द्वारा आयुर्वेद पद्धति से इलाज करना परामर्श देना स्वीकार किया गया, संबंधित के रजिस्ट्रेशन के संबंध में संदेह की स्थिति है नियमानुसार उस व्यक्ति जो बिना किसी रजिस्ट्रेशन के इलाज के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है. उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश पर पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ था.

 

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