बाज़ार में हाहाकार क्यों…. इस लाइन पर रखो

ग्लोबल मार्केट मे गिरावट का असर

Stock Market Close: शेयर बाजार में आज कोहराम मच गया. 30 अंकों वाला सेंसेक्स आज 1,456.74 अंकों या 2.68% फिसद की गिरावट के साथ 52,846.70 के लेवल पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी 406.70 अंक यानी 2.52% टूटकर 15,795.10 के लेवल पर बंद हुआ. सेंसेक्स के 30 में से 30 शेयर लाल निशान पर रहे.

भारतीय शेयर बाजार आज भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 1456.74 पॉइंट या 2.68% की गिरावट के साथ 52,846.70 पर और निफ्टी 427.40 पॉइंट या 2.64% की गिरावट के साथ 15,774.40 पर बंद हुआ। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और IT स्टॉक्स में रही। ये 3-4% की गिरावट के साथ बंद हुए।

सेंसेक्स 1,119 पॉइंट की गिरावट के साथ 53,184 पर और निफ्टी 324 पॉइंट की गिरावट के साथ 15,877.55 पर खुला था।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट

BSE के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट रही। मिडकैप इंडेक्स 495.84 पॉइंट या 2.24% की गिरावट के साथ 21,645.13 पर बंद हुआ। स्मॉलकैप इंडेक्स 500.41 पॉइंट या 1.96% लुढ़ककर 24,995.51 पर बंद हुआ। मिडकैप में सबसे ज्यादा 15.61% की गिरावट वीनस रेमेडीज में देखने को मिली।

बाजार में गिरावट के कारण

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2.29 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई. सबसे अधिक नुकसान में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) रही. सुबह 9.37 बजे सेंसेक्स में 1400  अंक गिरकर 52,869.90 पर आ गया वहीं 50 अंक वाला निफ्टी की बात करें तो 400 अंक गिरकर 15,782.30 पर आ गया. बता दें कि सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2.29 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई. सबसे अधिक नुकसान में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) रही. बीते सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों में जबर्दस्त बिकवाली का दौर चला। बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 1,465.79 अंक यानी 2.63 प्रतिशत नीचे आया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 382.50 अंक यानी 2.31 प्रतिशत का नुकसान देखा गया.

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वीपी – रिसर्चर अजीत मिश्रा ने कहा कि इस हफ्ते में बाजार में ज्यादा अस्थिरता रहेगी। अमेरिकी महंगाई दर के साथ साथ बाजार शुक्रवार को जारी किए फ्रैक्टरी आउटपुट के डेटा पर रिएक्ट करेगा। इसके अलावा आज रिटेल महंगाई के आकंड़े आएंगे। वहीं यूएस फेड की बैठक का आउटकम 15 जून को आएगा। इन सभी चीजों को लेकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल है

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2.29 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई. सबसे अधिक नुकसान में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) रही. सुबह 9.37 बजे सेंसेक्स में 1400  अंक गिरकर 52,869.90 पर आ गया वहीं 50 अंक वाला निफ्टी की बात करें तो 400 अंक गिरकर 15,782.30 पर आ गया. बता दें कि सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में बीते सप्ताह सामूहिक रूप से 2.29 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई. सबसे अधिक नुकसान में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) रही. बीते सप्ताह स्थानीय शेयर बाजारों में जबर्दस्त बिकवाली का दौर चला। बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 1,465.79 अंक यानी 2.63 प्रतिशत नीचे आया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में 382.50 अंक यानी 2.31 प्रतिशत का नुकसान देखा गया.

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वीपी – रिसर्चर अजीत मिश्रा ने कहा कि इस हफ्ते में बाजार में ज्यादा अस्थिरता रहेगी। अमेरिकी महंगाई दर के साथ साथ बाजार शुक्रवार को जारी किए फ्रैक्टरी आउटपुट के डेटा पर रिएक्ट करेगा। इसके अलावा आज रिटेल महंगाई के आकंड़े आएंगे। वहीं यूएस फेड की बैठक का आउटकम 15 जून को आएगा। इन सभी चीजों को लेकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल है

पिछले कारोबारी दिन सेंसेक्स में 1.84% की गिरावट रही

Share Market News Today, 10 June 2022वैश्विक बाजारों में निवेशकों की धारणा कमजोर पड़ने से शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) जबरदस्त गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबारियों ने कहा कि रुपये के कमजोर होने से भी घरेलू शेयर बाजार पर असर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में लाल निशान पर खुलने के बाद कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। अंत में गिरावट बढ़ गई और सेंसेक्स 1000 अंक से भी ज्यादा फिसल गया।

54500 के भी नीचे पहुंचा सेंसेक्स

दिनभर के उतार- चढ़ाव के बाद 30 शेयरों वाला सूचकांक 1016.84 अंक या 1.84 फीसदी की गिरावट के साथ 54,303.44 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी 276.30 अंक या 1.68 फीसदी की गिरावट के साथ 16,201.80 पर बंद हुआ। मालूम हो कि शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 1,512.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

10 जून को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर

 

अप्रैल में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 7.1% पर पहुंची

इंडस्ट्रियल ग्रोथ यानी IIP के आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए। कैपिटल गुड्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में ग्रोथ के कारण अप्रैल 2022 में भारत की फैक्ट्री आउटपुट ग्रोथ 7.1% बढ़कर 135.1 पर पहुंच गई। ये 8 महीने का उच्चतम स्तर है। इलेक्ट्रिसिटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। एक महीने पहले मार्च में यह 2.2% रही थी।

अप्रैल 2021 में IIP ग्रोथ 133.5% बढ़कर 126.6 रही थी। इतनी ज्यादा ग्रोथ का कारण लो बेस इफेक्ट था। दरअसल, मार्च 2020 में कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां थम गई थीं। इसका असर यह हुआ कि IIP बेस नीचे चला गया। अप्रैल 2020 में IIP 57.31% गिरकर 54.0 पर पहुंच गई थी। जब बेस बहुत नीचे चला जाता है तो थोड़ा उछाल भी बड़े सुधार का भ्रम पैदा करता है।

आज आएंगे रिटेल महंगाई के आंकड़े

आज मई के रिटेल महंगाई के आंकड़े जारी किए जाएंगे। बाजार बंद होने के बाद ये आंकड़े आएंगे, लेकिन निवेशक इसे लेकर पहले से ही सतर्क है। खाने-पीने के सामान से लेकर तेल के दाम बढ़ने से अप्रैल में महंगाई 8 साल के पीक पर पहुंच गई थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित रिटेल महंगाई दर अप्रैल में बढ़कर 7.79% हो गई थी। मई 2014 में महंगाई 8.32% थी।

 

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