कोरोना काल में 24% छात्रों के पास नहीं थी ई-डिवाइस, सर्वे में हुआ खुलासा

NAS 2021: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार शाम को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 की रिपोर्ट जारी की, जिसमें देश भर की कक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं में छात्रों के सीखने की क्षमता का व्यापक सर्वेक्षण किया गया. साथ ही देश में स्कूली शिक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य का आकलन किया गया है.

नई दिल्ली: राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 में भाग लेने वाले पूरे भारत के 3.4 मिलियन छात्रों में 38 प्रतिशत का मानना है कि महामारी के दौरान उनके लिए पढ़ाई जारी रखना बेहद मुश्किल था. वहीं करीब 24 प्रतिशत छात्रों ने बताया कि उनके पास महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए कोई डिजिटल साधन उपलब्ध नहीं थे. सर्वे के मुताबिक, करीब 80 प्रतिशत छात्रों को यह लगता है कि वे स्कूल में अपने शिक्षकों की मदद से ज्यादा बेहतर तरीके से चीजें सीख पाते थे. इस सर्वे में तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं कक्षा के छात्र शामिल थे.

विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी विषय पर सर्वे किया गया था. सर्वे में यह पाया गया कि देश भर में जैसे-जैसे छात्र-छात्राओं की कक्षा में बढ़ोतरी हो रही है, वैसे-वैसे उनके सीखने की क्षमता में गिरावट आ रही है. सर्वेक्षण में यह भी बताया गया है कि भारत में करीब 48 प्रतिशत छात्र आज भी पैदल ही स्कूल जाते हैं.

स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार शाम को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 की रिपोर्ट जारी की, जिसमें देश भर की कक्षा तीसरी, पांचवीं, आठवीं और दसवीं में छात्रों के सीखने की क्षमता का व्यापक सर्वेक्षण किया गया. साथ ही देश में स्कूली शिक्षा प्रणाली के स्वास्थ्य का आकलन किया गया है. पिछले तीन साल का राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण स्कूली शिक्षा प्रणाली के समग्र मूल्यांकन को दर्शाता है. बता दें कि आखिरी बार राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण साल 2017 में किया गया था.

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 500 के स्केल स्कोर में छात्रों का औसत प्रदर्शन उच्च कक्षाओं में जाने के बाद घटने लगता है. उदाहरण के लिए कक्षा 3 के छात्र का भाषा में राष्ट्रीय औसत प्रदर्शन 500 में से 323 है, लेकिन कक्षा दसवीं में समान रूप से गिरकर 260 हो जाता है. इसी तरह से गणित में कक्षा 3 के स्तर पर राष्ट्रीय औसत स्कोर 306 है, जो कक्षा 5वीं में घटकर 284, कक्षा 8वीं में 255 और कक्षा 10वीं में 220 रह जाता है.

पूरे देशभर में राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 का आयोजन 12 नवंबर 2021 को किया गया था. इसमें केंद्र ओर राज्य सरकार के सरकारी स्कूल, सहायता प्राप्त स्कूल और गैर-सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल शामिल थे. बता दें इस सर्वे में करीब 1,18,274 स्कूलों के 34,01,158 छात्र-छात्राओं समेत 5,26,824 शिक्षक शामिल थे.

राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021 के तहत राज्य-वार प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया है, जहां ज्यादातर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रदर्शन समग्र राष्ट्रीय स्कोर से काफी नीचे था. वहीं पंजाब, केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासितप्रदेशों ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्कोर किया है. बता दें कि दादरा और नगर हवेली जैसे केंद्र शासित प्रदेश, और अरुणाचल प्रदेश व तेलंगाना जैसे राज्य इस सर्वेक्षण में सबसे निम्न प्रदर्शन करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हैं.

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